Thursday, April 30, 2026
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शामली में नई सिग्नल प्रणाली के साथ दौड़ेगी विद्युत ट्रेनें

  • विद्युतीकरण के साथ ही बदलेगी पुरानी सिग्नल प्रणाली

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: जनपद में आज भी सैंकडों वर्ष पुरानी सिग्नल व्यवस्था चल रही है। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलमार्ग का विद्युतीकरण कार्य शुरू होने पर इस लाइन पर भी अब सैंकडों पुरानी सिग्नल व्यवस्था के स्थान पर नई इलैक्ट्रॉनिक सिग्नल की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इसके लिए पिलर बनाने का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।

उत्तर रेलवे के दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलमार्ग लंबे से समय से उपेक्षा का शिकार हो रहा है। इस रेलमार्ग पर सैंकडों वर्षों से आज भी दिल्ली और सहारनपुर के लिए ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। जनपद बनने के बाद क्षेत्रवासियों को विद्युतीकरण और दोहरीकरण की उम्मीद जगी थी।

दोहरीकरण का कार्य तो ठंडे बस्ते में चला गया अलबत्ता विद्युतीकरण के कार्य को अमलीजामा पहनना शुरू कर दिया गय है। शाहदरा से खेकड़ा के बीच विद्युतकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। इस रेल मार्ग पर विद्युतकरण होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी, जिसके बाद सहारनपुर से शामली के बीच 5 से 6 घंटे में तय होने वाले सफर कम समय में पूरा होने पर यात्रियों के समय की बचत होगी।

शामली की ओर विद्युतीकरण का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। जिसके चलते शामली में चल रही वर्षों पुरानी सिग्नल व्यवस्था को भी बदला जा रहा है। शामली रेलवे स्टेशन के मध्य से धीमानपुरा फाटक की ओर तथा बुढ़ाना फाटक की ओर 9-9 सिग्नल पिलर है। खेकड़ा तक तो रेलवे कर्मचारियों ने विद्युतीकरण के लिए लगाए पोल पर तार खींचने शुरू कर दिए है।

शामली रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि विद्युतीकरण का कार्य शीघ्र ही शामली पहुंच जाएगा। शामली में रविवार को कर्मचारियों ने लाइनों के बीच में बनने वाले नई सिग्नल प्रणाली के पोल लगाने की फाउंडेशन का कार्य शुरू कर दिया है।

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