Friday, May 1, 2026
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20 लाख में तैयार भवन आज तक नहीं हुआ इस्तेमाल

  • जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त पुराने भवन में काम करना मंजूर

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: सरकारी पैसे की बेकर्दी देखनी है तो सरधना से बेहतर जगह कोई नहीं होगी। क्योंकि यहां लाखों में तैयार बिल्डिंगों को इस्तेमाल किए बिना ही खंडहर बनने को छोड़ दिया जाता है। सरधना के जुल्हैड़ा रोड पर करीब 20 लाख रुपये से भी अधिक लागत से बना किसान सेवा सहकारी समिति का भवन आज तक इस्तेमाल नहीं हुआ है।

सहकारी समिति के अधिकारी आदतों के मुताबिक क्षतिग्रस्त पुराने भवन में ही अपना काम चला रहे हैं। जान जोखिम में डालना मंजूर है मगर नए भवन में जाना उन्हें गवारा नहीं है। ऐसे में समिति के बजाए यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बना हुआ है। हालत यह है कि देखरेख के अभाव में भवन खंडहर में तबदील होने लगा है।

परिसर में झाड़-फूंस उग आए हैं। चोर खिड़Þकी दरवाजे उखाड़ कर ले गए हैं। सरकार भले ही किसानों के हित में कार्य करने और उनके लिए विभिन्न योजनाएं चलाकर मदद करने के ढोल बजा रही हो। मगर किसान और किसान से जुड़े विभाग उम्मीदों के साथ दम तोड़ रहे हैं।

ये सब अधिकारियों की मनमानी या लापरवाही के चलते हो रहा है। सरधना में बिनौली रोड घनश्याम मंडी परिसर में किसान सेवा सहकारी समिति का दफ्तर है। यह भवन कई दशक पुराना होने के कारण पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है। यहां बैठने में अधिकारियों के साथ किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

कारण है कि क्षतिग्रस्त होने के साथ ही जगह काफी कम है। इस समस्या को देखते हुए सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जुल्हैड़ा रोड पर सहकारी समिति के लिए नए भवन का निर्माण कराया था। चार वर्ष पूर्व बने इस भवन के निर्माण में 20.67 लाख रुपये की लागत आई थी।

भवन बनने के बाद समिति को हैंडओवर भी कर दिया गया। मगर आज तक समिति के पदाधिकारियों ने इस भवन में ट्रांसफर होना गवारा नहीं समझा। बस पुरानी आदतों के साथ क्षतिग्रस्त भवन में परेशानियों के साथ काम करने में लगे हुए हैं। जान जोखिम में डालकर पुराने भवन में काम करना मंजूर है मगर नए भवन में सिफ्ट होना नापसंद।

अधिकारियों की मनमानी के चलते किसान इसी भवन में आने को मजबूर हैं। वहीं देखरेख के अभाव में नया भवन खंडहर में तबदील होने लगा है। परिसर में झाड़-फूंस उग आई हैं। चोर भवन के खिड़की दरवाजे तक उखाड़ कर ले गए हैं।

फिलहाल यह भवन असामाजिक तत्वों की शरण गाह बना हुआ है। यदि अधिकारी इस भवन में ट्रांसफर हो जाएं तो उन्हें परेशानियों से निजात तो मिल ही जाएगी। साथ ही इस भवन का सही उपयोग हो सकेगा। मगर अफसोस कि अधिकारी अपनी मनमानी चला रहे हैं।

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