जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2025 में वैश्विक बाजारों में सोने की कीमत 3,429 डॉलर प्रति तोला रही। यह जुलाई के मुकाबले 3.9% की मासिक बढ़त है, जबकि साल-दर-साल आधार पर कीमतों में 31% से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई है। जून 2025 में सोना 3435 डॉलर प्रति तोला के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका था और अब एक बार फिर यह उस स्तर के करीब पहुंच रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर की कमजोर स्थिति, गोल्ड ईटीएफ में निवेश में तेजी, और विश्वभर में भू-राजनीतिक तनाव इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।
गोल्ड ईटीएफ में अगस्त माह में खासतौर पर पश्चिमी देशों के फंड्स का प्रभुत्व रहा, जिससे मांग में बढ़ोतरी हुई।
वहीं चीन के सीएस1300 स्टॉक इंडेक्स में 10% की तेजी के चलते चीनी निवेशक गोल्ड से कुछ दूरी बनाते नजर आए।
भारत में भी अगस्त के दौरान गोल्ड निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो आने वाले त्योहारी सीजन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डॉलर कमजोर, सोना मजबूत
डॉलर इंडेक्स में गिरावट के चलते निवेशकों ने सेफ हेवन माने जाने वाले गोल्ड में शरण ली है। यह ट्रेंड तब और मजबूत होता है जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है।
क्या है निवेशकों के लिए संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि “यदि भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता यूं ही बनी रही, तो आने वाले महीनों में सोना फिर से नए उच्चतम स्तर को छू सकता है।”

