Saturday, August 29, 2026
- Advertisement -

टोक्यो ओलंपिक: भारतीय मुक्केबाज लवलीना जीता कांस्य पदक

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीत लिया है। उन्होंने पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर दिया है। ऐसे में अपने देश में उनकी अहमियत बढ़ना लाज़मी है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टोक्यो जाने से पहले उनके घर के पास पक्की सड़क तक नहीं थी, लेकिन भारत के लिए मेडल पक्का करने बाद यह सड़क जोरशोर से बनाई जा रही है।

असम के गोलाघाट जिले की रहने वाली लवलीना ओलंपिक में भाग लेने वाली असम की पहली महिला खिलाड़ी हैं। ओलंपिक जाने से पहले उनके घर पहुंचने वाले रास्ते की हालत खस्ताहाल थी। हाल ही के दिनों में इसके दुरुस्त होने की कोई उम्मीद भी नहीं थी, लेकिन ओलंपिक में इतिहास रचते ही यह काम फटाफट हो गया।

लवलीना के लौटने से पहले मरम्मत का काम पूरा होगा

सरुपथर से भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन के हवाले से अंग्रेजी मीडिया ने बताया कि लवलीना के घर के आसपास का क्षेत्र सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, लेकिन लवलीना के क्वार्टर फाइनल मैच के दिन भारी बारिश हुई और उनके घर का रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया।

मैंने इसके बारे में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बात की और सड़क को दुरुस्त कराने का फैसला किया। अब हम यह सुनिश्चित करने में व्यस्त हैं कि उसके टोक्यो से लौटने से पहले इसकी मरम्मत की जाए। मानसून का मौसम खत्म होने के बाद इसे मेटल किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, लवलीना का घर बरपाथर शहर से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जहां सड़क के कुछ हिस्से में गड्ढे हैं, वहीं करीब 2 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो चुका है। बॉक्सर के घर की ओर जाने वाले आखिरी हिस्से के लगभग 600 मीटर की मरम्मत अब श्रमिकों द्वारा की जा रही है।

सरुपथर विधानसभा क्षेत्र जिसमें बारोमुखिया गांव पड़ता है, यह असम में सबसे बड़ा है और इसमें कुछ सबसे खराब सड़कें भी हैं। वर्तमान में निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 2000 किलोमीटर कच्ची सड़कें हैं।

लवलीना मुक्केबाजी में आने से पहले किक बॉक्सिंग करती थीं, जिसमें वो राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीत चुकी हैं। दरअसल, लवलीना ने अपनी बड़ी बहनों लीचा और लीमा को देखकर किक बॉक्सिंग करना शुरू किया था। बचपन में लवलीना को काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा।

ओलंपिक में देश के लिए दूसरा पदक पक्का करने वाली मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को मुक्केबाजी में लाने का श्रेय बोरो को जाता है। बोरो को लवलीना पर विश्वास था।

पिता एक छोटे व्यापारी

लवलीना बोरगोहेन के पिता टिकेन एक छोटे व्यापारी थे और 1300 रुपये महीना कमाते थे। असम से ओलंपिक की राह इतनी आसान नहीं थी। मगर इस मुक्केबाज ने दिखा दिया कि अगर हिम्मत व जुनून के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं होता। लवलीना अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित थीं। मां की सफल सर्जरी के बाद ही लवलीना वापस अभ्यास के लिए गईं। लवलीना ने वीडियो का सहारा लेकर अभ्यास किया और मुक्केबाजी में भारत के लिए पदक पक्का किया।

कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा

लवलीना को बुधवार को सेमीफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता। लवलीना से पहले विजेंदर सिंह ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में और एमसी मेरीकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। बता दें कि लवलिना 2018 और 2019 में हुए विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा 2018 कॉमनेवल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Gold-Silver Price: सोने की कीमतों में उछाल, चांदी ने छुआ 2.40 लाख का स्तर

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: सोने और चांदी की शुरुआत...

Share Market: बैंकिंग शेयरों में उछाल, बढ़त के साथ खुले सेंसेक्स और निफ्टी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय...

Weather Update: दिल्ली-NCR में बारिश के साथ आंधी का अलर्ट, AQI बेहद खराब

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को बादल...
spot_imgspot_img