Wednesday, September 22, 2021
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फौजी का पार्थिव शरीर पहुंचा, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

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  • सियाचीन की सबसे ऊंची चोटी पर हृदय गति रुकने से हुई मौत परिवार में कोहराम मचा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सियाचीन की 19 हजार फीट ऊंची चोटी पर ड्यूटी दे रहे मेरठ के फौजी की हृदय गति से मौत हो गई। फौजी की मौत की जानकारी जैसे ही मेरठ पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार को शाम को फौजी का पार्थिव शरीर मेरठ के रोहटा रोड स्थित सरस्वती में उनके घर पहुंचा। इसके बाद उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल समेत सेना, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मूलरूप से गांव भदौड़ा के रहने वाले वीरेंद्र शर्मा पुत्र मंगलसेन शर्मा सेना में 143 मध्यम तोपखाना बटालियन में सूबेदार पद पर तैनात थे। वह पिछले 23 सालों से सेना में भर्ती होकर देश सेवा कर रहे थे। वह फिलहाल परिवार के साथ रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार फेज-2 में पत्नी रीना शर्मा, दो बेटी कशिश, मुस्कान व एक बेटा विवान के साथ रह रहे थे।

वीरेंद्र शर्मा पिछले वर्ष 15 सितंबर को छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर पहुंचे थे। तब से वह लगातार सियाचीन के ग्लेशियर में ड्यूटी कर रहे थे। गत 14 अप्रैल को अचानक उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो उन्होंने अपने साथियों को इसकी जानकारी दी साथी फौजी वीरेंद्र शर्मा को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ग्लेशियर से नीचे लाने लगे, लेकिन उनकी बीच रास्ते में ही मौत हो गई। वीरेंद्र की मौत की जानकारी मेरठ पहुंची तो उनके परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार शाम को वीरेंद्र का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

जल्द ही मेजर बनने वाले थे वीरेंद्र शर्मा

मेजर ने बताया कि वीरेंद्र शर्मा बहुत ही होनहार थे। वह अपने अच्छे कार्य के चलते समय से पहले सूबेदार बन गए थे और जल्द ही मेजर बनने वाले थे। यही नहीं वह बहादुर भी थे, उन्होंने बताया कि सियाचीन ग्लेशियर में एक बार ड्यूटी करने के बाद दोबारा कोई वहां जाने का नाम नहीं लेता, लेकिन वीरेंद्र शर्मा इस बार ग्लेशियर में दोबारा से खुद ही मांग करके ड्यूटी पर पहुंचे थे। मेजर ने कहा कि सेना ने वीरेंद्र जैसे होनहार व बहादुर सूबेदार को खोया है, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती।

एक दिन पहले पत्नी से की थी फोन पर बात

सूबेदार वीरेंद्र शर्मा ने गत 13 अप्रैल को ही पत्नी रीना शर्मा से फोन पर बात की थी। रीना ने रोते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों समेत पूरे परिवार की कुशलता के बारे में पूछा और जल्द ही घर आने की बात कही थी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी यह बात आखिरी बार ही हो रही है। वहीं, सूबेदार वीरेंद्र शर्मा का छोटा भाई कुलदीप शर्मा भी इस वक्त सेना में ही तैनात है।

सात साल के बेटे विवान ने दी मुखाग्नि

सियाचीन के ग्लेशियर में सूबेदार वीरेंद्र शर्मा की हृदय गति रुकने से गत 14 अप्रैल को मौत हो गई थी। शनिवार शाम को वीरेंद्र का पार्थिव शरीर उनके घर सरस्वती विहार पहुंचा। सूबेदार का पार्थिव शरीर पहुंचते हुए सरस्वती विहार में माहौल गमगीन हो गया और भारत माता के नारे लगने लगे। इसके बाद सूबेदार वीरेंद्र शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंमित संस्कार किया गया, लेकिन जब उनके सात साल के बेटे विवान ने पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई।

सूबेदार वीरेंद्र शर्मा के नाम से पार्क और गेट का नाम रखने की मांग

भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा व रोहटा रोड व्यापार संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार, अंकित गर्ग, धर्मेंद्र शर्मा, सर्वेश उपाध्याय, जितेंद्र मलिक, गुड्डू मलिक, पिंटू भदौड़ा व नरेंद्र शर्मा ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल व एडीएम सिटी अजय तिवारी से सरस्वती विहार के पार्क व गेट का नाम वीरेंद्र शर्मा के नाम से रखने की मांग की है।

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