Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण और कार्यकर्ताओं की मेहनत जीत का आधार: बलूनी

जनवाणी ब्यूरो |

ऋषिकेश: गढ़वाल लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद नवनिर्वाचित सांसद अनिल बलूनी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ढालवाला मुनिकीरेती पहुंचे। इससे पूर्व इंद्रमणि बडोनी चौक पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। शुक्रवार को जैसे ही अनिल बलूनी इंद्रमणि बडोनी चौक पर पहुंचे तो ऋषिकेश विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। निवर्तमान महापौर अनिता ममगाईं ने उनको पटका पहना कर और पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि यह उनकी जीत नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की मेहनत, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और प्रदेश सरकार की ओर से किए गए विकास कार्यों की जीत है। सबको साथ लेकर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों का सबसे पहले रोड मैप तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मानसून सर पर है। इसको लेकर अभी से सोचने की जरूरत है, हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।निवर्तमान महापौर अनिता ममगाईं ने कहा हमें विश्वास है गढ़वाल ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण उत्तराखंड का विकास में उनका अहम योगदान होगा। राज्यसभा सदस्य होते हुए उन्होंने पूरे उत्तराखंड के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं उनके कार्य क्षमता और दूर दृष्टि निश्चित रूप से विकास को और गति देगी।

इस दौरान पंकज शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, विपिन पंत, विजय बडोनी, राजकुमारी जुगरान,अनीता रैना, रोमा सहगल, ममता नेगी, प्रमिला त्रिवेदी, मदन कोठारी, कमलेश जैन, रमेश अरोड़ा, विवेक गोस्वामी, अजय कांलडा ,संजय वर्मा, राजेश कोटियाल, शैलेंद्र रस्तोगी, चरणजीत काचू , रेखा सजवान, सरिता बिष्ट, गौरव सहगल, सुरेश बिष्ट, जॉनी लांबा , सूर्यांस मिश्रा, सौरव शर्मा आदि मौजूद रहे।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

कैसे बनाए जाते हैं शीतल पेय

आनंद कु. अनंत ग्रीष्म के आगमन के साथ ही बाजार...

महिला आरक्षण की मृगतृष्णा की उलझन

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर इन दिनों एक नया...

केंद्र के साए में बंगाल के चुनाव

1952 से ही भारत में एक सुगठित चुनाव प्रणाली...

विदेश भेजने के नाम पर ठगी

कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती...
spot_imgspot_img