जनवाणी ब्यूरो |
हरिद्वार: शिवालिक नगर में 12 अक्टूबर की रात भेल के रिटायर्ड डीजीएम पी अग्रवाल और उनकी पत्नी बीना अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने लूट को अंजाम भी दिया था। इस मामले की जांच के लिए 10 पुलिस टीमें और एसटीएफ जुटी हुई थी। इस मामले में कल पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे थे।
पुलिस ने सोमवार रात खतौली निवासी विपिन को गिरफ्तार कर लिया था। देर रात तक पूछताछ के बाद पुलिस ने तड़के करीब सवा पांच बजे रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के सुमननगर में उसके एक साथी सतेंद्र उर्फ धर्मेंद्र निवासी खतौली की घेराबंदी करते हुए रुकने के लिए कहा, पर वह भागने का प्रयास करने लगा।
पुलिस टीम ने पैर में गोली मारते हुए उसे पकड़ लिया। दोनों आरोपी खतौली जिला मुजफ्फरनगर के निवासी हैं। पूछताछ में पता चला है कि दोनों रिटायर्ड डीजीएम के पड़ोस में किराए के मकान में रहते थे। लूटपाट के इरादे से दोनों 12 अक्टूबर की रात रिटायर्ड डीजीएम के घर में घुसे थे और उसी दौरान दोनों ने हत्या को अंजाम दिया है। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एएसपी विशाखा अशोक, और सीओ सदर पूर्णिमा गर्ग मौके पर मौजूद हैं। घायल बदमाश को जिला अस्पताल ले जाया गया है।
एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक बदमाश को मुठभेड़ में पकड़ा गया है। उसके पैर में गोली लगी है। जिला अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। उसके साथी विपिन से पूछताछ चल रही है।
दोहरा हत्याकांड का सूत्रधार धर्मेंद्र उर्फ सतेंद्र पहले भी दो हत्याओं को अंजाम दे चुका है, जबकि उसका साथी विपिन उर्फ भीम भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। सत्येंद्र छह महीने पहले तक शिवालिक नगर में रिटायर्ड डीजीएम के पड़ोस में किराए के मकान में रहता था। यहां वह ड्राइविंग का काम कर रहा था।
सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि मुठभेड़ को कोतवाली रानीपुर, ज्वालापुर, हरिद्वार व झबरेड़ा थाना की पुलिस और एसओजी ने मिलकर अंजाम दिया है। गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ चल रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश किया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक दोहरा हत्याकांड का सूत्रधार धर्मेंद्र उर्फ सतेंद्र और उसका साथी पहले भी हत्या को अंजाम दे चुके है और जेल काट चुके हैं। सत्तेंद्र दो हत्या और उसका साथी विपिन उर्फ भीम भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। सत्येंद्र छह महीने पहले तक शिवालिक नगर में रिटायर्ड डीजीएम के पड़ोस में किराए के मकान में रहता था। यहां वह ड्राइविंग का काम कर रहा था।

