Sunday, June 14, 2026
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Tag: संस्कार

पूर्णरूपेण होना चाहिए समर्पण

समर्पण चाहे इस संसार के इंसानों के लिए हो या भौतिक कार्यों के प्रति हो अथवा परमपिता परमात्मा के लिए ही क्यों न हो,...

प्रसिद्ध है जैन मुनियों की तपोस्थली मुक्तागिरी

चेतन चौहान | राजा बिम्बसार के पश्चात आज से लगभग एक हजार वर्ष पूर्व अचलपुर के राजा ऐल श्रीपाल ने इस सिद्ध क्षेत्र को पूरी...

विद्वत्ता की कसौटी

चंद्र प्रभा सूद | प्रत्येक मनुष्य की हार्दिक इच्छा होती है कि वह बुद्धिमान कहलाए। विद्वान उसकी बुद्धि का लोहा मानें। किसी सभा में यदि...

भगवान शिव के स्वेद से उत्पन्न हुई नदी नर्मदा

सर्वेश तिवारी श्रीमुख | कहते हैं भगवान शिव के स्वेद से उत्पन्न हुई यह नदी, इसका कंकण कंकण शंकर है। इसके हर पत्थर में शिव...

महालक्ष्मी ने क्यों धरा बेलवृक्ष का रूप, शिव ने क्यों माना बिल्ववृक्ष को शिवस्वरूप?

शिवानंद मिश्रा | हे शिवे! बिल्व के पत्ते मेरी जटा के समान हैं। उसका त्रिपत्र यानी तीन पत्ते, ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद हैं। शाखाएं समस्त...

मन की सोच के अनुसार ही संसार

चंद्र प्रभा सूद | क्रोधित होने पर वह दुनिया को आग लगा देना चाहता है। मन में प्यार का भाव आने पर सभी उसे अपने...
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