Tuesday, October 26, 2021
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आज जिला मुख्यालयों पर किसान करेंगे प्रदर्शन, सिंघु बॉर्डर पर अनशन

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जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: कृषि सुधार वाले तीनों नए कानूनों को वापस लेने की जिद पर अड़े किसानों ने आज देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। साथ ही किसान अपनी मांगें पूरी कराने के लिए भूख हड़ताल भी करेंगे। सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल हर संगठन से एक-एक नेता अनशन पर बैठेगा। किसान भी इसमें शामिल हो सकते हैं। आंदोलन की अगली रणनीति का एलान शाम को किया जाएगा।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी ने कहा कि एक दिन के अनशन की वजह से किसानों ने दिल्ली जयपुर हाईवे बंद करने का निर्णय एक दिन आगे बढ़ा दिया है। हाईवे अब मंगलवार को बंद होगा। जयपुर-दिल्ली हाईवे जाम करने के लिए राजस्थान, हरियाणा बॉर्डर पर रविवार को बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए हैं। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को अपने आवास पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और सोम प्रकाश के साथ किसानों को मनाने पर मंथन किया। इसके अलावा गृहमंत्री ने पंजाब के भाजपा नेताओं के साथ भी एक अलग बैठक की।

उधर, सिंघु बॉर्डर पर प्रेस कांफ्रेंस में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि सोमवार को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक अनशन रहेगा। इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन होंगे और दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जैसा चल रहा है जारी रहेगा।

पंजाब के डीआईजी (कारागार) ने किसानों के समर्थन में दिया इस्तीफा 

पंजाब के उपमहानिरीक्षक (कारागार) लखमिंदर सिंह जाखड़ ने किसानों के समर्थन में इस्तीफा दे दिया है। जाखड़ ने रविवार को कहा, मैं अपने भाइयों के लिए लड़ूंगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को राज्य सरकार के पास इस्तीफा भेज दिया है।

अगले दौर की वार्ता जल्द 

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के अपना प्रदर्शन तेज करने के बीच केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने रविवार को कहा कि सरकार जल्द ही एक तारीख तय कर किसान संघ के नेताओं को अगले दौर की वार्ता के लिए बुलाएगी। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार और 40 किसान संघों के प्रतिनिधियों के बीच पहले हुई पांच दौर की वार्ता बेनतीजा रही थीं।

केंद्र सिर्फ कॉरपोरेट के लिए काम कर रही: राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, केंद्र सरकार सिर्फ उद्योगपतियों की हितैषी है और कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए ही काम कर रही है। जब तक हमारी मांगें नहीं मान ली जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, कानून से पहले गोडाउन निर्माण पूरा होना इस बात का संकेत है कि सरकार की योजना कुछ और ही है।

सरकार की फाइल के सिर्फ पहले पन्ने पर किसानों का नाम है भीतर सिर्फ और सिर्फ व्यापारियों की बातें हैं। ऐसा नहीं चलेगा। टिकैत ने कहा, आंदोलन की कमान किसानों के हाथ में है और सरकार को किसानों से दोबारा बात करनी चाहिए। जरूरी है कि सभी मुद्दों पर बात हो लेकिन अब तक कानूनों को लेकर सरकार ने कोई बात तक नहीं की है।

आज उपवास पर केजरीवाल 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसानों के समर्थन में एक दिन का उपवास रखने का ऐलान किया है। उन्होंने देश की जनता से भी किसानों की मांगों के समर्थन में उपवास पर रहने की अपील की है। किसानों के बहाने उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने अहंकार छोड़ किसान विरोधी नीति को छोड़ने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने किसानों के बहाने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि भाजपा के मंत्री और नेता किसानों को देशद्रोही बता रहे है। आंदोलन को बदनाम कर रहे है। जबकि सच्चाई यह है कि हजारों पूर्व सैनिक भी किसानों के साथ धरने पर है। देश के खिलाड़ी, सेलिब्रिटी, डॉक्टर भी समर्थन में हैं। भाजपा बताएं कि क्या ये सभी लोग देशद्रोही हैं? अन्ना आंदोलन के दौरान भी कांग्रेस पार्टी की सरकार ने आंदोलनकारियों को देश विरोधी बता कर बदनाम किया था, आज वही काम भाजपा सरकार कर रही है।

किसान कानून के विरोध में मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक देश में अनाज की जमाखोरी अपराध था, लेकिन इस कानून से जमाखोरी अपराध नहीं होगा। कोई कितना भी अनाज की जमाखोरी कर सकता है। जनता अगर इस कानून के खिलाफ है तो केंद्र सरकार को अपना अहंकार छोड़ देना चाहिए। इन्हें वापस लिया जाए और एमएसपी पर फसलें खरीदने की गारंटी देने वाला बिल बनाया जाए।

आंदोलन खत्म कर रहे गुटों का हमसे कोई लेना देना नहीं

चढूनी ने कहा, कुछ समूह हैं जिनका कहना है कि वे सरकार के कानूनों का समर्थन करते हैं और आंदोलन खत्म कर रहे हैं। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि इन समूहों का हमसे कोई लेना देना नहीं है। ये लोग सरकार के इशारों पर चल रहे थे, दरअसल सरकार के कहने पर आंदोलन में शामिल हुए और यहां रहते हुए फूट डालकर आंदोलन को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।

सरकारी एजेंसियां दिल्ली नहीं पहुंचने दे रहीं

किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा, सरकारी एजेंसियां किसानों को दिल्ली नहीं पहुंचने दे रही हैं। लेकिन इससे हमारी ताकत कतई कमजोर नहीं पड़ेगी। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कानून वापस नहीं ले लेती। सभी किसान संगठन एक साथ हैं।

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