- राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी के प्रयास से 19 सीटर विमान लखनऊ तक उड़ने की योजना चढ़ी परवान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: परतापुर हवाई पट्टी से लखनऊ तक 19 सीटर विमानों की उड़ान राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी के प्रयास से परवान चढ़ी है। जिसको लेकर मेरठ के व्यापारियों में हर्ष देखने को मिल रहा है। वहीं, इस हवाई पट्टी से अन्य शहरों के लिए घरेलू उड़ान वाले विमानों की आवाजाही की राह में अभी कई बाधाओं को दूर करना होगा, जिसके लिए हर संभावना को तलाश किया जा रहा है।
परतापुर हवाई पट्टी के अधिकारियों के मुताबिक जेवर के साथ हिंडन के अलावा आगरा और बरेली में घरेलू उड़ान की सुविधा पहले से मौजूद हैं। ऐसे में विभाग के सामने पहला सवाल यही है कि निकट ही स्थित मेरठ जनपद को घरेलू उड़ान की सेवा से जोड़ना कितना प्रासंगिक होगा। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि इससे भी बड़ी बाधा ये है कि बड़े वाहनों के टेकआॅफ और लैंडिंग के लिए मौजूदा रनवे नाकाफी है।

दरअसल, जितना भारी विमान होता है, उसको उड़ाने और उतारने के उतना ही अधिक लंबाई का रनवे दरकार होता है। कलक्ट्रेट स्थित विभाग के प्रभारी अधिकारी योगेश कुमार का कहना है कि विभाग के स्तर से भविष्य की संभावना क्या है, इसको देखा जा रहा है। वैसे भी वर्तमान में 1500 मीटर यानी डेढ़ किमी लंबाई और 23 मीटर चौड़ाई का रनवे परतापुर हवाईपट्टी पर बना है। जिस पर 19 सीटर से बड़े वाहन की लैंडिंग या टेकआॅफ कराने के काम नहीं कराया जा सकता।
व्यवसायिक घरेलू उड़ानों को शुरू करने के लिए रनवे कम से कम 3000 से 4500 मीटर का होना चाहिए। उन्होंने बताया कि मौजूद रनवे के एक तरफ गुरुद्वारा और दूसरी तरफ आश्रम आ रहा है। इसके अलावा करीब एक दशक पूर्व किसानों से जमीन की मांग की गई, इसके लिए तत्कालीन डीएम ने प्रयास किए, लेकिन किसानों ने 58 लाख बीघा मुआवजा और परिवार के सदस्य के लिए एक नौकरी दिए जाने की मांग रखी।
जिसके कारण यह योजना तभी से खटाई में पड़ी हुई है। आने वाले समय में इसमें क्या बेहतर हो सकता है, इसके लिए विभाग और अधिकारियों के स्तर से प्रयास निरंतर जारी है। इसी क्रम में सोमवार को कलक्ट्रेट में एक बैठक का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें हवाई पट्टी के विस्तार के संबंध में आ रही बाधाओं को दूर करने को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किए जाने का प्रस्ताव है।

